What is UPS in Hindi । UPS क्या है ?

By | May 18, 2020

What is UPS In Hindi , UPS क्या है और किस तरह से काम करता है कम्प्युटर में UPS का उपयोग क्‍यों किया जाता है UPS की Full Form क्‍या है और यूपीएस और इन्वर्टर में क्या अंतर है, ऑफलाइन UPS या ऑनलाइन UPS किसे कहा जाता है ।

अगर आपके दिमाग में भी यही सब प्रश्‍न आ रहे हैं तो यहा पर आपको मिलने वाली है यूपीएस के बारे में पूरी जानकारी कि यूपीएस क्या है – What is UPS in Hindi और यह किस तरह से काम करता है ।

यूपीएस क्या है – What is UPS in Hindi

UPS क्या है - What is UPS in Hindi और यह किस तरह कम करता है? Full form of UPS

जब आप बाजार से कोई कम्प्युटर खरीदने जाते हैं तो कम्प्युटर खरीदने के बाद आपको यूपीएस UPS खरीदने के लिए भी कहा जाता होगा है और वह इसलिए कहा जाता है ताकि आपका कंप्यूटर भविष्य मे खराब ना हो जाए ।

अब हम समझ लेते है कि बगेर UPS के, कंप्यूटर खराब कैसे होगा। वैसे तो यूपीएस आपके घर की मशीनों की तरह ही होता है , जो कि बिजली से चलता हैं लेकिन उन सभी मशीनों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति (Untripped Power Supply) की जरूरत नहीं होती है मतलब लाइट जाने पर उनको किसी ही प्रकार का खतरा नहीं होता है।

जबकि कम्प्युटर एक ऐसी एलेक्ट्रोनिक मशीन है यदि कम्प्युटर को सही तरीके से बंद ना किया जाए यानी शटडाउन न किया जाए तो सबसे पहली चीज तो आपका जो डाटा है वह करप्ट हो सकता है और आपकी की हार्ड डिस्क खराब हो सकती है या कम्प्युटर मे और भी कोई नुकसान हो सकता है तो कंप्यूटर को चलने के लिए Untripped Power Supply की जरूरत होती है।

 यूपीएस की फुल फॉर्म क्या होती है ? UPS Full Form

यूपीएस की फुल फॉर्म Uninterruptible Power Supply होती है यानि अबाधित विद्युत आपूर्ति आपकी रोजाना काम के दौरान दिन मे अनेक बार Power Cut होता है

और इस पावर कट से आपके कंप्यूटर को नुकसान ना हो, इसलिए उसको निर्बाध विद्युत आपूर्ति की जरूरत होती है और यह विद्युत आपूर्ति प्रदान करता है आपका यूपीएस कंप्यूटर को सुरक्षित रखता है और तकनीकी खराबी से भी बचाता है व डाटा लॉस से बचाता है

अगर हम बात करें लैपटॉप की तो उसमें भी बैटरी होती है जो बिल्कुल यूपीएस का ही काम करती है।

उसमें भी इनबिल्ट यूपीएस सिस्टम होता है यूपीएस कंप्यूटर सिस्टम को लगातार पावर सप्लाई देता रहता है बिना किसी कट के इसमें लगी छोटी सी बैटरी लंबे समय तक आपके कंप्यूटर को चला नहीं सकती है लेकिन बैटरी आपको उतने समय तक का बिजली दे सकती है कि आप कम्प्युटर को बंद कर सके ।

कहने का मतलब कंप्यूटर को लाइट जाने के बाद सही तरीके से शटडाउन या बंद कर सके और यूपीएस का यही काम होता है कि लाइट जाने के बाद आपका कंप्यूटर सीधे बंद ना हो।

UPS कैसे काम करता है ( How Work UPS System )

यूपीएस के अंदर चार प्रकार कि चीजे होती है जो विशेष रूप से प्रमुख होती हैं सबसे पहली चीज एक Rechargeable Battery होती है और यही बैटरी आपके पावर का मुख्य स्रोत होती है

दूसरी प्रमुख चीज इसमें बैटरी को चार्ज करने के लिए एक बैटरी चार्ज होता है जिससे लगातार बैटरी चार्ज होती रहती है इनके  अलावा इसमें एक छोटा इनवर्टर होता है जो डीसी सप्लाई को इसी में कन्वर्ट करता है

साथ में Static Bypass/UPS Bypass Switch होता है जब लाइट आ रही होती है तो यह बाई बस आपकी UPS बैटरी को निरंतर चार्ज करता रहता है और जैसे ही लाइट चली जाती है Static Bypass Switch ऑटोमेटिक सर्किट को बंद कर देता है और आपके यूपीएस में लगे हुए इनवर्टर को ऑन कर देता है इसमें एक कोई भी समय नहीं लेता है यानी आपके कंप्यूटर को पता ही नहीं चलता है कि लाइट चली गई है।

यूपीएस और इन्वर्टर में क्या अंतर है

  • जहां एक इनवर्टर आपके पूरे घर की बिजली सप्लाई का लोड उठाने के लिए सफल या प्रयाप्त है वही यूपीएस केवल आपके कंप्यूटर की सप्लाई के लिए ही बनाया गया है अगर आप इसे घर कि सप्लाई के साथ जोड़ देंगे तो यह बिल्कुल ही काम नहीं कर पाएगा ।
  • अधिक से अधिक लोग जानना चाहते हैं कि यूपीएस में और इनवर्टर में क्या अंतर है और ये एक दूसरे से कैसे भिन्न है, जबकि यूपीएस और इन्वर्टर एक ही काम करते हैं बिजली के जाने के बाद वह आपको पावर सप्लाई देते हैं तो आपके लिए दोनों में अंतर जानना बहुत जरूरी है 
  • अगर बात करें पावर कट की तो इनवर्टर की बजाय यूपीएस में जो पावर बैकअप होता है वह तेजी से प्रदान किया जाता है जिसमें ना के बराबर समय लगता है जबकि इनवर्टर की लाइट कुछ माइक्रोसेकंड के लिए कट करती है और इसी बिजली कट के कारण आपका कंप्यूटर बंद हो सकता है।
  • कीमत की बात करें तो यूपीएस 1500 से 3000 तक मिल जाता है वही इनवर्टर अगर आपको घर मे लगवाना है तो आपको करीब 15 से 20000 रूपये खर्च करने होंगे वैसे भी जमाने के साथ-साथ अब काफी सारे इनवर्टर भी यूपीएस मोड में आने लगे हैं ।
  • बैकअप की बात करें तो इन दोनों मे इनवर्टर का बैकअप यूपीएस कि तुलना मे बहुत ज्यादा होता है जहां एक ओर यूपीएस 10 से 30 मिनट तक का बैकअप दे सकता है वही इनवर्टर 7 से 8 घंटे का बैकअप (बिजली)  दे देता है ।
  • अगर बात करे यूपीएस कि तो इसका रखरखाव न के बराबर होता है और यूपीएस कि बेटरी जो कि 2 से 3 साल बाद चेंज करवानी होती है वही इनवर्टर की बैटरी के बारे मे बात करे तो आपको हर 2 साल बाद तो बदलनी होती है साथ में उसमें बीच बीच में पानी भी भरना होता है।

ऑफलाइन UPS या ऑनलाइन UPS किसे कहते हैं ? ( Online And Offline UPS in Hindi )

जो यूपीएस आपके घर मे आपके कम्प्युटर पर लगा होता है उसे ऑनलाइन यूपीएस (Online UPS) या लाइन-इन्टरैक्टिव यूपीएस (Line Interactive UPS) कहते हैं इस प्रकार के यूपीएस की बैटरी उसके अंदर ही लगी होती है।

आपके घर में जो डेक्सटॉप पर लगा यूपीएस होता है वह आकार में छोटा होता है लेकिन बहुत से ऑनलाइन यूपीएस बड़े-बड़े आकार के भी होते हैं और उसमे लगी हुई बैटरी की संख्या भी ज्यादा होती है ।

ऑफलाइन यूपीएस में यूपीएस की बैटरी उसके बाहर लगी होती है आपके घर मे लगे इनवर्टर को ऑफलाइन यूपीएस कहा जाता हैं और यह ऑनलाइन यूपीएस से ज्यादा लोड ले सकता है लेकिन पावर ट्रिप के दौरान इसका बैकअप रिस्पांस टाइम ऑनलाइन यूपीएस के अपेक्षाकृत कम होता है।

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