दिल्ली की शान लाल किला । Red fort Delhi History in Hindi

By | May 18, 2020

Red fort Delhi History in Hindi भारत की आन बान दिल्ली की शान “लाल किला” जो कि भारत में ही नहीं पूरे विश्व में प्रसिद्ध है इस लाल किले का निर्माण मुगल साम्राज्य के प्रसिद्ध सम्राट शाहजहा  ने करवाया था।

इस लाल किले पर करीब 200 सालों से भी ज्यादा मुगल साम्राज्य ने सशन किया, और यह लाल किला जो कि भारत में दिल्ली के बीचो-बीच शहर में स्थित है मशहूर लाल किला यह ऐतिहासिक कलाकृति है जिसे देखने के लिए दूर-दूर शहर के लोग पर्यटक के रूप में यहां आते हैं।

दिल्ली की शान लाल किला । Red fort Delhi History in Hindi

दिल्ली का लाल किला कब और किसने बनवाया था?

Red fort Delhi History in Hindi दिल्ली के लाल किले का निर्माण करीब 1648 में हुआ था उस समय मुगल साम्राज्य के पांचवे मुगल शासक शाहजहाँ का राज्य था और दिल्ली को शाहजहाबाद कहा जाता था।

इस दिल्ली की शान लाल किले का निर्माण लाल पत्थरों से किया गया था इसीलिए इसका नाम लाल किला रखा गया यहां के गार्डन यहां के प्रसिद्ध महल दीवाने खास सब बहुत सोच समझकर बनाए गए इस लाल किले में अति कलाकृतियां और संस्कृति देखने को मिलती है।

भारत की आन बान, “दिल्ली की शान इस लाल किले” पर स्वतंत्रता से पहले पंडित जवाहरलाल नेहरू ने सर्वप्रथम राष्ट्रीय तिरंगा ध्वज फहराया गया था इसके बाद हर वर्ष इस मौके पर (स्वतंत्रता दिवस पर) प्रधानमंत्री द्वारा तिरंगा फहराया जाता है भारत के दिल्ली के इस लाल किले पर दुनिया के कोने कोने से लोग यहां पर घूमने आते हैं।

लाल किले का निर्माण का हुआ । Red fort Delhi History in Hindi

मुगल सम्राट शाहजहाँ ने करीब 1638 में अपनी राजधानी आगरा को दिल्ली में स्थापित किया जिसके बाद भारत की शान लाल किले का निर्माण किया गया था। कहा जाता है कि मुगल सम्राट शाहजहाँ का पसंदीदा रंग, लाल और सफेद हुआ करता था इसीलिए लाल किले का निर्माण लाल रंग के पत्थर और सफेद रंग के पत्थरो से किया गया।

उस समय इस लाल के लिए का डिजाइन का कार्य “वास्तुकार उस्ताद अहमद लाहौरी” ने किया था वास्तुकार उस्ताद अहमद लाहौरी ने आगरा की शान ताजमहल को भी इस किले का निर्माण आगरा में यमुना नदी के तट पर किया गया था लाल किले का निर्माण का कार्य 13 मई 1638 को किया गया था इसके लिए पहली नीव “इज्जत खान” ने रखी थी शाहजहां चाहते थे कि यहा का लाल किला सबसे बढ़ा हो ।

किले को बनने में करीब 10  से 11 वर्ष का समय लगा इसका कार्य 1648  में ही पूरा हुआ इसमें प्रसिद्ध महल शीश महल मुख्य किले के उत्तरी व दक्षिणी में स्थित है इस किले के अंदर एक खास महल भी बनाया गया है जो रानी का एक निजी कक्ष हुआ करता था यहां पर आराधना किया करते थे।

इस किले के निर्माण में महत्वपूर्ण अदाकारी इज्जत खान और अली वर्दी खान मुकर्मत खान  का योगदान रहा। इनकी देख रेख मे ही दिल्ली के इस लाल किले का कार्य पूरा समपन हुआ । जब मुगल सम्राट शाहजहां इस किले में प्रवेश किये तो किले को पूरी तरह से सजाया गया।

और जश्न मनाया गया तथा शाहजहा  हीरे जवाहरात बाटे और फूलो की वर्षा की गयी इस सारी सजावट से दिल्ली का लाल किला पूरा चकमक हो गया ।

दिल्ली की शान “लाल किला” का पूरा इतिहास । Red fort Delhi History in Hindi

दिल्ली की शान “लाल किला” का पूरा इतिहास । Red fort Delhi History in Hindi

दिल्ली की शान लाल किले पर दूसरे शासको का शासन

Red fort Delhi History in Hindi जब मुग़ल शासक औरंगजेब के सत्ता मे आया सत्ता मे आने के बाद , मुग़ल साम्राज्य की वित्तीय व् प्रशासनिक संरचना पर काफी फर्क पड़ा, 18वी सदी आते आते ही मुग़ल साम्राज्य का पतन होना शुरू हो गया. इसके बाद औरंगजेब ने अपने शासन काल मे लाल किले में मोती मस्जिद का निर्माण भी करवाया।

औरंगजेब का शासन नष्ट होने के बाद लाल किला करीब 30 सालों तक, अपने शासक के इंतजार में लावारिस पड़ा रहा। और करीब 1712 में जहंदर शाह को दिल्ली का शासक बनाया गया। और जहंदर शाह कुछ की वर्षो इनकी हत्या कर दी गई इनके स्थान पर फर्रुखसियर को राजा बनाया गया।  

फर्रुखसियर ने यहाँ पर बहुत लूट पाठ  मचाई, चांदी से जड़ी किले के उपरी दिवार को ताम्बे में बदल दिया। करीब 1719 में लाल किले में मुहम्मद शाह का आगमन हुआ , मुहम्मद शाह को रंगीला राजा के रूप में जाना जाता था। मुहम्मद शाह ने यहाँ 1739 तक राज्य किया,  इसके बाद मुहम्मद शाह फारसी सम्राट नादिर शाह से हार गए, जिससे बाद लाल किले पर नादिर शाह का शासन स्थापित हो गया।

देखते देखते नादिर शाह ने, मुग़ल साम्राज्य को अंदर से पूरी तरह से खोखला कर दिया था, यहाँ करीब 3 महीने रहने के बाद वो वापस अपनी जगह चला गया। 1752 में मराठाओं ने दिल्ली की लड़ाई जीत ली।  1761 में मराठा पानीपत की तीसरी लड़ाई हार गए, जिसके बाद दिल्ली पर अहमद शाह दुर्रानी का शासन हो गया ।

ब्रिटिश ईस्ट इंडिया और मराठाओं की लड़ाई, लाल किले की लूट पाठ

इसके बाद 1803  में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी यानि अग्रेजों  से मराठाओं की लड़ाई हुई, जिसमें मराठाओं की हार हो गई , और दिल्ली व् लाल किला दोनों पर मराठाओं का अधिकार नहीं रहा । लड़ाई जितने के बाद अग्रेज़ लोगों ने मुगलों की इस एतेहासिक जगह को अपना घर बना लिया।  

सबसे आखिरी मे मुगल सम्राट बहादुर शाह  थे, जो किले में रहे थे, इन्होने 1857 की  महान लड़ाई में अग्रेजों को हराया था, दुर्भाग्य से मुगल सम्राट बहादुर शाह यहा पर ज्यादा दिन तक राज्य नहीं कर पाए.  और दिल्ली पर ब्रिटिश शासन का आधीकर हो गया ।

इस अधिकार के बाद ब्रिटिश सरकार ने इस किले को पूरी तारह से बादल दिया गया ।  दीवाने खास, मोती महल, शीश महल, बगीचा, हरम, फर्नीचर सब कुछ तोड़ दिया गया. ब्रिटिश  सरकार ने ने सारी किमती चीज लूट ली, और उन चीजों को ब्रिटेन ले जाया गया, सर्वप्रथम 1747 में नादिर शाह ने दिल्ली के इस लाल किले में लूट पाठ व चोरी की थी, उसके बाद जो भी कुछ बचा हुआ था वो अग्रेजों ने चुरा लिया ।

दिल्ली की शान “लाल किला” का पूरा इतिहास । Red fort Delhi history in hindi

ब्रिटिश अफसर यहाँ से लूट कर उसकी बड़े लोगों के सामने नीलामी करते थे। इसके साथ ही अग्रेजों ने यहा से कोहिनूर का हीरा भी चुरा कर अपने देश ले गए और ब्रिटेन मे कोहिनूर का हीरा शोभा बढ़ा रहा है । जो की भारत से ले जया गया था ।

स्वतन्त्रता के लिए संघर्ष कर रहे, भारत के वीर स्वतंत्रता सेनानियों को कई बार लाल किले में बनाई गई जेल में रखा गया। 15 अगस्त 1947 को जब अंग्रेज भारत छोड़कर गए, तब प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल ने लाल किले पर पहली बार तिरिंगा झण्डा फहराया ।

आजादी के बाद से लाल किले को आर्मी की छावनी बना दिया गया. 2003 तक किले का बहुत बड़ा हिस्सा आर्मी के हिस्से में था, लेकिन उसके बाद उसे भारतीय पुरातत्व विभाग को मरम्मत के लिए दे दिया गया।

हालांकि किले के भीतर लगभग 66 प्रतिशत संरचनाएं या तो नष्ट हो गईं या बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गईं, लाल किले में अभी भी कई ऐतिहासिक इमारतें

लाल किले मे बने सुंदर महल और दर्शनीय स्थल

मुमताज़ महल – किले के महिला क्वार्टर (ज़ेनाना) में स्थित, मुमताज़ महल किले के छह महलों में से एक था। इन सभी महलों को यमुना नदी के किनारे बनाया गया था और स्वर्ग की धारा द्वारा आपस में जोड़ा गया था। मुमताज महल का निर्माण सफेद संगमरमर का उपयोग करके किया गया था और फूलों की सजावट से सजाया गया था। ब्रिटिश शासन के दौरान, इसे जेल शिविर के रूप में उपयोग करने के लिए रखा गया था। आज इस प्रभावशाली इमारत के अंदर लाल किला पुरातत्व संग्रहालय स्थापित किया गया है।
खास महल – खास महल का इस्तेमाल सम्राट के निजी आवास के रूप में किया जाता था। महल को तीन भागों में विभाजित किया गया था, महल को सफेद संगमरमर और फूलों से अलंकृत किया गया था और छत को चमकाया गया था। खस महल ‘मुथम्मन बुर्ज’ से जुड़ा हुआ था, जहां से सम्राट अपनी प्रजा को संबोधित करते
रंग महल – रंग महल जिसका शाब्दिक अर्थ कलर्स पैलेस ऑफ कलर्स है, इस रंग महल को  सम्राट की मालकिनों और पत्नियों के घर के लिए बनाया गया था। जैसा कि नाम से पता चलता है, महल को चमकीले पेंट्स और आकर्षक सजावट के साथ रंगीन दिखने के लिए बनाया गया था। एक संगमरमर का बेसिन, जिसे महल के केंद्र में स्थापित किया गया था, करेगा। महल के नीचे एक तहखाना, महिलाओं द्वारा गर्मियों के दौरान ठंडा करने के लिए इस्तेमाल किया जाता था।
हीरा महल – बहादुर शाह द्वितीय द्वारा 1842 में निर्मित, हीरा महल संभवत: अंतिम संरचनाओं में से एक है जिसे अंग्रेजों के आक्रमण से पहले मुगल सम्राट द्वारा बनाया गया था। यह एक मात्र मंडप है लेकिन इसके साथ एक दिलचस्प किंवदंती जुड़ी हुई है। किंवदंती के अनुसार, शाहजहाँ ने अपनी पहली पत्नी के लिए एक हीरे को छुपाया था, इसी स्थान पर। हीरा, जो अभी तक नहीं मिला है, कहा जाता है कि यह प्रसिद्ध कोहिनूर से भी अधिक कीमती है।
मोती मस्जिद – मोती मस्जिद को औरंगजेब ने अपने निजी इस्तेमाल के लिए बनवाया था। दिलचस्प बात यह है कि मस्जिद का इस्तेमाल ज़ेना के निवासियों द्वारा भी किया गया था। सफेद संगमरमर के उपयोग से निर्मित, मोती मस्जिद में तीन गुंबद और तीन मेहराब हैं।
हम्माम – हम्माम मूल रूप से एक इमारत है जो सम्राटों द्वारा उपयोग किए जाने वाले स्नानघरों में स्थित है। पूर्वी अपार्टमेंट में, ड्रेसिंग रूम खड़ा था। पश्चिमी अपार्टमेंट में, नलों से गर्म पानी निकलता था। कहा जाता है कि सुगंधित गुलाब जल का इस्तेमाल नहाने के उद्देश्य से किया जाता था। हम्माम के अंदरूनी हिस्सों को पुष्प डिजाइन और सफेद संगमरमर से सजाया गया था।

 

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