Information About Nahargarh Fort In Hindi । नाहरगढ़ का किला

By | June 5, 2020

नाहरगढ़ किले का निर्माण किसने करवाया

Information About Nahargarh Fort In Hindi  नाहरगढ किले का निर्माण सवाई जयसिंह द्वितीय ने राजस्थान राज्य की राजधानी जयपुर में सन् 1734 में करवाया था।

नाहरगढ किला जयपुर के बीच एक पहाड के उपर बसाया गया हैं। नाहरगढ किला पहाड पर लगभग 700 फीट उचाई पर बनाया गया हैं।

Information About Nahargarh Fort In Hindi नाहरगढ़ किला के बारे में जानकारी 

किले की उचाई से जयपुर शहर को चारों और साफ तौर से देखा जा सकता हैं। प्रजा को सुरक्षित बनाये रखने के लिए ही इस किले को ऊचे पहाड़ पर बनाया गया था जिससे दुश्मन पर निगाहे रखी जा सके।

इस किले के पूर्वी दिशा में गलता तीर्थ स्थान हैं एवं इसके ठीक बगल में जयगढ का किला बसा हैं और इसके ठीक नीचे आमेर का किला बसा हुआ हे।    

नाहरगढ़ किला कहां है where is nahargarh fort in hindi

Information About Nahargarh Fort In Hindi नाहरगढ़ किला राजस्थान प्रदेश की राजधानी गुलाबी नगर जयपुर मे स्थित है।

सवाई जयसिंह द्वितीय ने जब इस किले को बसाया था तो उस समय यह आमेर की राजधानी हुआ करती थी। इस अदभुत किले को आज तक कोई भी जीत नहीं सका हैं।

इस किले में कई ऐतिहासिक घटनाऐं भी हुई हैं। 18 वीं शताब्दी में मराठाओ के साथ जयपुर की लडाई में भी नाहरगढ किला शामिल था।    

सन् 1880 में सवाई माधो सिंह द्वारा इस किले की दिवारों एवं बुर्जो का पुननिर्माण भी करवाया गया था। यह किला अरावली पर्वत श्रखला का एक अदभुत भाग हैं।  

नाहरगढ किले का नाम “नाहरगढ” कैसे पड़ा

Information About Nahargarh Fort In Hindi यह माना जाता है की नाहरगढ़ किला का नाम जयपुर के राजकुमार “नाहर” के नाम पर ही पडा था, माना जाता हैं कि जब राजकुमार नाहर की मौत हो गयी थी तो उसके बाद में उसकी आत्मा भटकने लगी थी।

कहा जाता हैं कि जब किले का निर्माण कार्य चल रहा था तब नाहर की आत्मा निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न करती थी। उसकी आत्मा की शांति के लिए किले के भीतरी भाग में एक मंदिर का निमार्ण भी करवाया गया था। अतः इस कारण से इस किले का नाम नाहरगढ रखा गया था।

नाहरगढ शब्द का अर्थ है “बाघो या शेरा का निवास”। इस किले के भीतरी भाग में माघवेन्द्र नाम का एक भवन भी बना हुआ है जिसमें राजा और उसका परिवार सिर्फ गर्मियों के दिनों में ही यहा आते और इसका आनन्द उठाते थे।

सवाई राम सिंह और सवाई माधो सिंह ने भी इस किले के अन्दर कुछ भवनों का निर्माण कार्य करवाया था। सवाई राम सिंह की नौ रानिया थी उन सभी रानियों के लिए इस किले में अलग अलग भवनों का निर्माण करवाया गया था। उन सभी भवनों में सारी सुविधाऐं उपलब्ध थी।

नाहरगढ का किला एक ऊंचे पहाड पर स्थित है इस किले के चारों तरफ उची दिवारे बनी हुई हैं। दिवारों के पास पैदल चलने की व्यवस्था भी हैं।

दिवारों के पास में सैन्य चौकिया भी बनी हुई हैं जहां से उस जमाने में बाहर की ओर नजर रखी जाती थी। सैन्य चौकिया गोलाकार रूप मे बनी हुई है उन गोलाकार दीवारों मे हथियारो के इस्तेमाल के लिए छोटे छोटे छिद्र बने हुए है।

भवनों के निर्माण में बलुआ पत्थरों का उपयोग किया गया हैं एवं दिवारों के निर्माण कार्य में भी बलुआ पत्थरों का उपयोग किया गया है।

नाहरगढ किले की बनावट एवं कला कृतिया

Information About Nahargarh Fort In Hindi नाहरगढ़ किला के बारे में जानकारी 

Information About Nahargarh Fort In Hindi नाहरगढ़ किला के बारे में जानकारी 

नाहरगढ किले में बने महलो के कमरों को गलियारों से जोडा गया हैं महलों एवं कमरों की दिवारों पर भित्ती चित्र छपे हुए हैं जो चित्र कला का बेजोड नमुना हैं।

महलों में राजा अपनी रानियों के साथ भी रहा करते थे। कमरों को गलियारों से इस कदर जोडा गया हे कि किसी भी रानी को पता चले बगेर राजा किसी भी कमरे में जा सकते थे।

कमरों और गलियारों का जुड़ाव एक भूल भुलैया है। महल मे बहुत सारे कमरे एवं बरामदे बने हुए है सभी कमरे और बरामदे एक जैसे बने हुए है।

कमरो मे छोटी छोटी खिड्किया भी बनी हुई है उन खिड्कियों से रानिया बाहर बने चौक मे देखा करती थी। उन छोटी छोटी खिड्कियो को झरोखा भी कहा जाता है।

महल के अन्दर लगभग 4 चौक बने हुए है। छत पर जाने के लिए छोटी छोटी सीढ़िया बनी हुई है।   

1857 के भारत विद्रोह के समय में बहुत से यूरोपियन लोगो को राजा सवाई राम सिंह ने उनकी सुरक्षा के लिए उनको नाहरगढ किले में भेज दिया था।

नाहरगढ किला एक भ्रमण स्थान

आज के समय में नाहरगढ किला सिर्फ एक भ्रमण स्थान बन गया हैं इस किले को देखने के लिए लोग भारत से ही नहीं देश विदेशो से भी आते हैं।

किले के महलो के उपर चढ कर जब चारों तरफ देखते हैं तब चारों तरफ जयपुर शहर फैला हुआ नजर आता हैं। शहर इतना सुन्दर लगता हैं कि आंखे शहर को बस निहारती ही रहती हैं।  

नाहरगढ़ किला पर पानी की दो बावडिया भी बनी हुई है जो काफी गहरी है और काफी सुंदर भी हे।  

बॉलिवुड फिल्मों की शूटिंग

नाहरगढ किले में बॉलिवुड फिल्मों की भी शूटिंग होती रहती हैं। यहा पर रंग दे बंसती, शुद्ध देशी रोमान्स, आदि फिल्मों की शूटिंग हुई हैं और इनके अलावा भी कई नाटको और कई गानो की भी शूटिंग होती रहती है।   

नाहरगढ किले तक कैसे पंहुचे

नाहरगढ किले तक पंहुचने का मार्ग आमेर रास्ते से पहले कनक घाटी के उपरी मार्ग से यहा पंहुचा जा सकता है। किले तक आने वाला रास्ता काफी खतरनाक हैं रास्ता टेढा – मेढ़ा एवं घुमावदार हैं।

रास्ते के एक तरफ गहरी खांये बनी हुई हैं। रास्ते के बीच-बीच में पक्की सडके भी बनी हुई हैं। नाहरगढ किले तक पंहुचने का एक दूसरा मार्ग भी हैं यह मार्ग ब्रहमपुरी क्षेत्र में हैं। जो काफी पुराना रास्ता हैं। इस रास्ते से केवल पैदल ही जाया जा सकता हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *