Category Archives: History Of Rajasthan

राजस्थान इतिहास की जानकारी । History of Rajasthan in Hindi

राजस्थान इतिहास की जानकारी । History of Rajasthan in Hindi, छठी शताब्दी मैं इस भू-भाग में अपनी वीरता एवं बलिदान के लिए इतिहास में प्रसिद्ध राजपूती राज्यों का उदय हुआ जो धीरे-धीरे इसके संपूर्ण क्षेत्र में अलग-अलग रियासतों के रूप में विस्तृत हो गए । यह रियासतें विभिन्न राजपूत शासकों के नियंत्रण में थी जिनमें… Read More »

नारायणी माता का मंदिर का इतिहास । Narayani Mata Ke Chamtkari Mandir

नारायणी माता का मंदिर अलवर जिले में सरिस्का क्षेत्र के किनारे स्थित पहाड़ो के बीच मे बसा हुआ है। यह अपने आप मे एक अद्भुत मंदिर है। यह मंदिर पहाड़ो के बीच मे उनकी तलहटी मे बसा हुआ है और इसके चारो तरफ जंगलनुमा क्षेत्र है। नारायणी माता का मंदिर का निर्माण 11वी सदी मे… Read More »

Sheetla Mata Mandir Rajasthan । राजस्थान मे शीतला माता का मंदिर

Sheetla Mata Mandir Rajasthan राजस्थान में प्रसिद्ध सभी मंदिरों में से शीतला माता का मंदिर भी काफी प्रसिद्ध है यह मंदिर जयपुर जिले से दक्षिण दिशा की ओर जयपुर से लगभग 70 किलोमीटर दूर स्थित है। यह मंदिर चाकसू कस्बे में स्थित है, यह मंदिर एक पहाड़ी पर स्थित है यहां पर साल भर में… Read More »

राजस्थान के इतिहास मे मेहरानगढ़ दुर्ग । Mehrangarh Fort History

जोधपुर का Mehrangarh Fort मेहरानगढ़ दुर्ग एक चट्टानी पहाड़ी को घेरता है जो आसपास के मैदान से करीब 400 फीट ऊपर उठती है, और दोनों को आदेश देती है और परिदृश्य के साथ पिघलती है। राजस्थान के सबसे बड़े किलों में से एक, इसमें कुछ सुन्दर महल हैं और इसके संग्रहालय में भारतीय दरबारी जीवन… Read More »

भानगढ़ किले का असली रहस्य क्या है । भानगढ़ किला का इतिहास

भानगढ़ किले का असली रहस्य क्या है । भानगढ़ किला का इतिहास (history of bhangarh fort), राजस्थान के अलवर जिले में सरिस्का टाइगर रिजर्व की सीमा पर स्थित, भानगढ़ किला 17 वीं शताब्दी का एक किला है, जो पूरे भारत में ही नहीं बल्कि विश्व का सबसे प्रेतवाधित स्थान’ होने के लिए कुख्यात है। किले… Read More »

राजस्थान की रंगीन संस्कृति । The Colourful Cultures of Rajasthan

राजस्थान की रंगीन संस्कृति । The Colourful Cultures of Rajasthan एक ऐसी भूमि जहां रॉयल्टी जीवन जीने का तरीका है। एक ऐसी भूमि जहां रंग उत्सर्जन का प्रतिनिधित्व करते हैं। एक ऐसी भूमि जहाँ उत्सव कोई सीमा नहीं जानता और सभी के बीच उत्सव मनाता है। और एक ऐसी भूमि जिसने सबसे उदार तरीकों से… Read More »

भक्ति आन्दोलन के उपदेशक – Bhakti Andolan Ke Pramukh Sant

भक्ति आन्दोलन के उपदेशक – Bhakti Andolan Ke Pramukh Sant 01 रामानुजाचार्य Bhakti Andolan Ke Pramukh Sant भक्ति आन्दोलन के उपदेशको मे रामानुजाचार्य ने सगुण ब्रह्म की उपासना पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विष्णु का नाम स्मरण करने से और उनकी पूजा से मोक्ष प्राप्त किया जा सकता है । 02 गुरु रामानन्द रामानन्द… Read More »