राजस्थान की प्रमुख झीलें । Rajasthan Ki Jheel in Hindi

By | May 17, 2020

राजस्थान मे मीठे ओर खारे पानी की झीले

जयसमंद

राजस्थान की प्रमुख झीलें मे सबसे पहले जयसमंद झील आती है। जयसमंद झील उदयपुर से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित है ओर इस झील का दूसरा नाम ढेबर झील भी है इस झील का निर्माण महारणा जयसिंह द्वारा 1685-1691 मे करवाया गया था।

यह निर्माण गोमती नदी पर बांध बनाकर करवाया गया था ओर यह झील एशिया की दूसरी सबसे बड़ी मीठे पानी की झील है इस झील मे 7 बड़े टापू है बाबा का भागडा झील मे स्थित सबसे बड़ा टापू है ओर प्यारी सबसे छोटा टापू है ओर इस झील से दो नहरे निकलती है पहली नहर श्यामपुरा ओर दूसरी नहर भाट नहर।

राजसमंद झील

इस झील के तट पर श्री द्वारकाधीश का वैभाव शाली मंदिर स्थित है इस झील मे गोमती नदी का पानी आकार गिरता है।

राजस्थान की प्रमुख झीलें मे राजसमंद झील भी आती है इस झील का निर्माण 1662-1668 मे महारणा राजसिंह द्वारा कांकरोली के निकट बनवाया गया है।

पिछोला झील

पिछोला झील 14 शती मे राणा लाखा के काल मे एक बंजारे के द्वारा उदयपुर के पिछोला ग्राम के निकट बनवाई गयी थी ओर इस झील की मरम्मत महारणा उदयसिंह द्वारा कारवाई गयी थी

इस झील मे दो टापू है जिन पर जगमन्दिर महल ओर दूसरा जगनिवास महल है इस झील मे प्रसिद्ध नटनी का चबूतरा भी स्थित है जो कि महाराणा जवान सिंह के काल मे बनाया गया था। राजस्थान की झीले

आनासागर झील

आनासागर झील जो कि अजमेर मे स्थित है ये झील भी राजस्थान की प्रमुख झीलें में शामिल है ओर इस झील का निर्माण पृथ्वीराज चौहान के दादा अर्णोराज ने 1135 से 1137 करवाया था ओर इस झील के किनारे जहाँगीर ने दौलतबाग लगाया था ओर इस दौलतबाग को सुभाष उद्यान के नाम से जाना जाता है।

राजस्थान की प्रमुख झीलें । Rajasthan Ki Jheel in Hindi

सिलीसेढ़ झील

सिलीसेढ़ झील अलवर मे स्थित है ओर इस झील का निर्माण 1845 मे अलवर के महाराजा विनयसिंह अपनी रानी के लिए बनाया था ओर एक शाही महल ओर लॉज भी बनवाया जो लोक पैलेस के रूप मे चल रहा है।

नक्की झील

राजस्थान की प्रमुख झीलें मे नक्की झील जो की उचाई के लिए जानी जाती है, नक्की झील माउंट आबू ( सिरोही ) मे स्थित है ओर यह झील रघुनाथजी के मंदिर के पास बनी हुई है ओर नक्की झील राजस्थान कि सबसे उची झील है।

इस झील को टोड-रोक कहते है कहा जाता है कि इस झील का निर्माण देवताओं द्वारा अपने नाखूनो से खोदकर किया गया था ओर इस झील के पास हाथी गुफा ओर चम्पा गुफा व राम झरोखा गुफाये प्रसिद्ध है।

फतेहसागर झील

यह झील उदयपुर मे स्थित है ओर इस झील की निव ड्यूक ऑफ कनॉट ने राखी थी ओर महारणा फतेसिंह ने इस झील का पुननिर्मित करवाया ओर इस झील मे एक टापू है ओर सौर वेधशाला की स्थापना भी इसी झील मे की गयी है

पुष्कर झील

पुष्कर झील राजस्थान की सबसे प्राचीन झील है ओर पवित्र है ओर यह झील अजमेर मे स्थित है इस झील का निर्माण ज्वालामुखी से हुआ ओर इस झील को क्रेटर झील भी कहते है पुष्कर झील को तीर्थराज, पंचम तीर्थ ओर तीर्थों का मामा कहा जाता है।

प्राचीन समय मे विश्वामित्रा ने पुष्कर झील के किनारे तपस्या की थी पुष्कर झील मे भगवान राम ने अपने पिता दशरथ का पिण्डदान किया था ओर इस झील मे वेदव्यास ने कौरव ओर पांडवों का मिलन करवाया था पुष्कर झील के कुल 52 घाट है ओर पुष्कर झील के किनारे प्राचीन ब्रह्माजीएवं सावित्रीजी का मंदिर है।

फायसागर झील

इस झील का निर्माण अग्रेज़ इंजीनियर फाय के  निर्देशन मे हुआ ओर यह झील अजमेर मे स्थित है ओर इस झील का पानी आना सागर मे आता है।

बालसमंद झील

यह झील जोधपुर मे स्थित है ओर इस झील का निर्माण सन 1159 मे परिहार शासक बालक राव ने करवाया था।

झील का बारा

यह झील बयाना नगर के उत्तर मे करीब 14 किलोमीटर की दूरी पर एक पहाड़ी के नीचे स्थित है।

गजनेर झील

यह झील बीकानेर के गजनेर नामक स्थान  स्थान पर स्थित है ओर यह एक छोटी झील है इस झील के पानी का उपयोग नहाने ओर पीने मे किया जाता है ओर यह झील दर्पण के समान प्रतीत होती है।

कोलायत झील [ राजस्थान की प्रमुख झीलें ]

कोलायत झील बीकानेर मे है ओर बीकानेर की दूसरे छोटी झील है ओर इस झील को सुन्दर मरुउधान कहा जा सकता है ओर यहा प्राचीन कपिल मुनि का आश्रम था ओर यहा पर कपिल मुनि का मेला भरता है।

दूगारी झील

यह झील कनक सागर के नाम से जानी जाती है ओर इस झील का निर्माण 1580 मे किया गया था ओर यह झील दूगरी ग्राम के निकट बसी हुई है यह झील बूंदी जिले मे स्थित है।

तलवाड़ा झील

तलवाड़ा झील हनुमानगढ़ जिले मे स्थित है ओर यह झील घग्घर नदी के पानी से भरती है। राजस्थान की झीले

बुद्धा जोहड़ झील

यह झील डाबला के निकट स्थित है इस झील मे गंग नहर का जल  भरता है ओर यह झील सिंचाई के लिए उपयोगी नहीं है।

काडिला एवं मानसरोवर झील

ये झीले झालावाड़ जिले मे स्थित है इन झिलो का निर्माण असनावा की निकट किया गया है ओर मानसरोवर झील झालावाड़ जिले के रातेड़ी ग्राम के निकट बसी हुई है।

पिथमपूरी झील

यह झील सीकर जिले मे स्थित है पिथमपुर नामक स्थान पर बसी हुई है इस झील मे वर्षा का पानी जमा हो जाता है। यह भी राजस्थान की प्रमुख झीलें मे शामिल है ।

घड़सिसर झील  

घड़सिसर झील जैसलमर मे स्थित है जैसलमर के दो प्रमुख द्वार घड़सिसर दरवाजा ओर अमरसर दरवाजा इस झील का निर्माण रावल घड़सिंह ओर घरसी द्वारा करवाया गया था ओर इस झील को घड़सिसर के नाम से भी पुकारते है इस झील के निकट अनेक मंदिर बने हुए है।

बिसलसर झील

इस झील का निर्माण 1152 से 1162 अजमेर के चौहान शासक बिसल देव द्वारा करवाया गया था ओर मुगल बादशाह जहाँगीर ने इस झील के किनारे एक महल बनवाया था। यह झील भी राजस्थान की प्रमुख झीलें मे आती है ।

खारे पानी की झीलेराजस्थान की प्रमुख झीलें

सांभर झील

राजस्थान की प्रमुख झीलें मे सांभर झील सबसे बड़ी खारे पानी की झील है ओर यह झील जयपुर मे स्थित है इस झील से जो नमक का उत्पादन होता है उस का कार्य हिंदुस्तान नमक कंपनी के द्वारा किया जाता है इस झील मे मेन्था, रूपनगढ़, खरी ओर खंडेला नदियां आकार मिलती है।

पचपदरा झील [ राजस्थान की प्रमुख झीलें ]

राजस्थान की प्रमुख झीलें मे पचपदरा झील जो की नमक के लिए प्रसिद्ध है। यह झील बाड़मेर मे स्थित है ओर इस झील से नमक का उत्पादन होता है।

डिडवाना झील

राजस्थान की प्रमुख झीलें मे डिडवाना झील जो कागज के निर्माण के लिए विख्यात है, यह झील डिडवाना नागौर मे स्थित है ओर इस झील मे कागज तेयर करने मे काम आने वाले लवण के निर्माण हेतु सोडियम सल्फेट सयंत्र स्थापित किया गया है।

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