दुनिया के सात अजूबे कौन कौन से है।Seven Wonders of the World

By | May 27, 2020
दुनिया के सात अजूबे कौन कौन से है।Seven Wonders of the World

दुनिया के सात अजूबे कौन कौन से है।Seven Wonders of the World

seven ajuba in world in hindi दुनिया के सात अजूबे के नाम और इन अजूबो का चुनाव किस प्रकार हुआ।

7 ajuba in world, इस युग मे बहुत ऐसे लोग है जिन्हे दुनिया के सात अजूबे के बारे मे ज्ञान नहीं है, लेकिन इन सात अजूबों के बारे मे पता होना चाहिए।

विश्व के सात अजूबे जो की प्राचीन काल से चुने जा रहे है। और इन दुनिया के सात अजूबे का चुनने का विचार सबसे पहले 2200 साल पहले हेरोडोटस और कल्लिमचुस आया था।

उस समय हेरोडोटस और कल्लिमचुस ने दुनिया के कई कलाकृतिओ की लिस्ट तैयार की जिनमे से सात अजूबो को चुना गया लेकिन इनके द्वारा चुने गए विश्व के सात अजूबे अब पूरी तरह से नष्ट हो गए।

लेकिन इन सात अजूबों में सिर्फ अभी ग्रेट पिरामिड ऑफ़ गिज़ा बचा हुआ है और इसे अब एक सात अजूबों से अलग एक विशेष स्थान दिया गया है. 

हेरोडोटस और कल्लिमचुस द्वारा चुने गए सात अजूबे निम्न है-

  • टेम्पल ऑफ़ आर्टेमिस
  • माउसोलस का मकबरा
  • कोलोसुस ऑफ़ रोडेज
  • लाइटहाउस ऑफ़ अलेक्सान्दिरा
  • ग्रेट पिरामिड ऑफ़ गिज़ा
  • हैंगिंग गार्डन ऑफ़ बेबीलोन
  • स्टेचू ऑफ़ ज़ीउस अट ओलम्पिया

duniya ka sat ajuba , दुनिया के नए सात अजूबों का चुनाव कैसे हुआ  

world seven ajuba, seven ajuba in world in hindi , दुनिया के नए सात अजूबो को चुनने का विचार 21वी सदी यानि 1999 मे आया था इन सात अजूबो को चुनने के लिए स्विट्ज़रलैंड के ज्यूरिक में न्यू 7 वंडर फाउंडेशन बनाया गया। जिसका काम था दुनिया के सात अजूबो को चुनना।

इस फाउंडेशन ने एक वैबसाइट बनवाई जिसमे करीब 200 से भी ज्यादा विश्व की कलाकृतिया शामिल थी, और इन कलाकृतियों मे से विश्व के नए सात अजूबो को चुनना था, यह कार्य एक कठिन कार्य था।

इसके बाद एक पोल शुरू किया गया था, यह पोल इंटरनेट और मोइबल के द्वारा शुरू किया गया था। इस पोल मे 100 मिलियन लोगो ने भाग लिया और इन लोगो ने नेट व फोन के माध्यम वोट किया यह वोटिंग लंबे समय तक चली और इसका रिज़ल्ट  7 जुलाई 2007 को लिस्बन में सबसे सामने आया. लोगो के इस वोट के अनुसार ही दुनिया के सात अजूबो का चुनाव किया गया था।

इस प्रकार दुनिया के सात नए अजूबे निकलकर सामने आए. 7 ajuba name in hindi, seven ajuba in world in hindi

अजूबा का नाम निर्माण जगह
चीन की दीवार Great Wall of China 7वी शताब्दी से 16वी  शताब्दी तक चीन
चिचेन इत्ज़ा  600 ईशा पूर्व मैक्सिको
पेट्रा 1200 ईसा पूर्व जोर्डन
माचू पिच्चु 1400 के आसपास पेरू
क्राइस्ट दी रिडीमर 1922 और 1931 के बीच ब्राजील
कोलोसियम 70वी से 72वी ईस्वी इटली
ताजमहल 1632 भारत

चीन की दीवार  (Great Wall of China in Hindi)

चीन की महान दीवार को पूरे विश्व मे जानते है चीन की महान दीवार का निर्माण वहा के शासकों द्वारा अपनी राज्य की रक्षा के लिए किया गया था।

इस महान दीवार का निर्माण करीब 7वी शताब्दी  मे प्रारम्भ हुआ था और 16वी  शताब्दी  तक इस दीवार का निर्माण पूरा हो गया था। इस चीन की महान दीवार को Great Wall of China ग्रेट वाल ऑफ़ चाइना भी कहा गया।

चीन की महान दीवार को वैज्ञानिक ने अंतरिक्ष से भी देखा है। चीन की दीवार जो की चाँद से भी दिखाई देती है। यह विशाल दिवार पूर्व के दंदोंग से शुरू होकर पश्चिम में लोप लेक तक फैली है चीन की दीवार 6400 कोलोमीटर तक फैली हुई है। इसकी उचाई 35 फीट है ।

कहा जाता है की इस दीवार के निर्माण मे करीब 30 से 40 लाख लोगो ने अपना जीवन लगा दिया था।

चिचेन इत्ज़ा (Chichen Itza History In Hindi)

चिचेन इत्ज़ा  मेक्सिको मे बसा हुआ एक प्राचीन मयान मंदिर है और यह विश्व प्रसिद्ध है । जिसका निर्माण 600 ईशा पूर्व मे हुआ था । और यह मंदिर 5 किलोमीटर के दायरों मे फैला हुआ है।

चिचेन इत्ज़ा माया का सबसे प्राचीन और सबसे बड़ा शहर है, यह मयान मंदिर 79 फीट उचा है और यह पत्थरो के पिरामिड के आकार का बना हुआ है और इस मंदिर की खास बात यह है की इस मंदिर मे ऊपर जाने के लिए 356 सिडिया चडनी पढ़ती है,

इस मंदिर के चारो तरफ 91 – 91 सिडिया बनी हुई है और इस मंदिर के बारे मे कहा जाता है की मंदिर की एक सीडी एक दिन का प्रतीक है। यह मेक्सिको मे स्थित सबसे प्राचीन स्थलो मे से एक है, यहा पर लोग मिलियन मे घुमने आते है. चिचेन मैक्सिको में युकान्तन स्टेट में स्थित है. और यह बहुत ही सुंदर है।

पेट्रा (History of Petra In Hindi)

पेट्रा साउथ जॉर्डन के मयान प्रांत मे बसी एक प्राचीन एतिहासिक नगर है जो  बलुआ पत्थर के पहाड़ों और चट्टानों के बीच स्थित है।

यह नगर चट्टानों को काटकर बनाया था। एसा माना जाता है की पेट्रा का निर्माण 1200 ईसा पूर्व मे हुआ था। और यह शहर मशहूर पर्यटन स्थल के रूप मे जाना जाता है इसी वजह से यह दुनिया के सात अजूबों मे शामिल है। इस शहर को रोस सिटी के नाम से भी जाना जाता है, यह जॉर्डन का मुख्य आकर्षण केंद्र है

माचू पिच्चु (Machu Picchu history In Hindi)

माचू पिच्चु (Machu Picchu history) जो की सात अजूबो मे शामिल एक एतिहासिक स्थल है जिसका निर्माण 1400 के आसपास राजा पचाकूची द्वारा करवाया गया था, माचू पिच्चु जो की दक्षिण अमेरिका मे ऊंची चोटी पर स्थित एक शहर हुआ करता था माचू पिच्चु शहर मे करीब 15 वी सदी मे इंका सभ्यता रहा करती थी।

इसके कारण से यह दुनिया का सातवा अजूबा बना है। माचू पिच्चु पर करीब 100 साल बाद स्पेन ने विजय प्राप्त कर ली और इसे एसे ही छोड़कर चले गए, और इसकी देख रेख करने वाला कोई भी नहीं रहा जिसके कारण यहा की सभ्यता भी पूरी तरह से नष्ट हो गई, इसके बाद 1911 में अमेरिका के इतिहासकार हीरम बिंघम ने इसको खोज निकाला  और इसे दुनिया के सामने लाया।

1983 में यूनेस्को (UNESCO) इसे विश्व की धरोहर घोषित किया. और इस तरह माचू पिच्चु दुनिया का सात अजूबो मे शामिल हुआ। यहा पर पर्यटक अधीक मात्र मे आते है।

क्राइस्ट दी रिडीमर (Christ The Redeemer In History)

क्राइस्ट दी रिडीमर (Christ The Redeemer) यह ईसा मशीह की एक प्रतिमा है जो की ब्राज़ील की रियो डी जेनेरों मे स्थित है यह रियो शहर के 700 मीटर ऊँची कोरकोवाडो की पहाड़ी पर स्थित है.

यह दुनिया की सबसे ऊंची मूर्तियो मे से एक है ईसा मशीह की इस प्रतिमा का निर्माण 1922 और 1931 के बीच हुआ था। इस प्रतिमा का वजह 635 टन है।

ईशा मसीह की यह मूर्ति दुनिया के सात अजूबों मे से एक है जो की इसका निर्माण बेहतरीन ढंग से किया गया, दुनिया भर मे यह ईसाई धर्म का बहुत बढ़ा प्रतीक है इस प्रतिमा का डिजाईन ब्राजील के सिल्वा कोस्टा ने किया था।

ईसा मसीह की इस मूर्ति का आधार 31 फीट है, इसकी कुल ऊंचाई 130 फीट है वही इसकी चौड़ाई 98 फीट है। और लगभग 6 मिलियन टाइल्स में कवर किया गया है।

रोम का कोलोसियम (Roman Colosseum History In Hindi)

कोलोसियम जो की इटली के रोम नगर मे स्थित एक विशाल स्टेडियम है यह दुनिया की प्राचीन कलाकृतियों मे से एक है।

इसका निर्माण वेस्पियन ने 70वी से 72वी ईस्वी के मध्य करवाया था और 80वी ईस्वी मे इसको सम्राट टाइटस ने पूरा किया था।

इसका निर्माण रेत और कंक्रीट से हुआ है, तथा प्राकृतिक आपदा और भूकंप से इसका थोड़ा बहुत नुकसान हो गया लेकिन आज भी विशाल स्टेडियम पर करीब 60 – 70 हजार लोग एक साथ बैठ सकते है।

इसी विशालता के कारण इसको दुनिया के सात अजूबो मे शामील होने का दर्जा मिला। यह 24 हजार वर्गमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है यह विश्व कलाकृतियों का एक बेहतरीन नमूना है। 

ताजमहल (Taj Mahal History In Hindi)

भारत की शान ताजमहल देश मे जो की आगरा शहर मे स्थित है ताज महल दुनिया के सात अजूबो मे से एक है जिसे प्यार की निशानी के नाम से भी जाना जाता है।

इस प्यार की निशानी यानि ताजमहल का निर्माण 1632 मे शाहजहाँ ने करवाया था। शाहजहाँ  ने अपनी पत्नी मुमताज़ की याद मे इस खूबसूरत ताजमहल का निर्माण करवाया गया था।

ताजमहल का निर्माण सफ़ेद संगमरमर के पत्थरो से किया गया है। ताजमहल जैसी कलाकृति पूरी दुनिया मे कही भी नहीं है ताजमहल के निर्माण मे 15 साल लगे थे इसके निर्माण के बाद इससे जुड़े सभी मजदूरो का हाथ राजा ने कटवा दिया ताकि एसा ताजमहल और दूसरा नहीं बन सके ताजमहल के चारो और बगीचा बना हुआ है ।

प्यार की निशान इस ताजमहल को देखने के लिया पूरी दुनिया से लोग आते है।

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